एकबार मैं, अमित और संजयभाई दुनिया से कल्टी हो लिए और पहुँच गए स्वर्ग नरक
जंक्शन पर. वहाँ बही खाता लिए चित्रगुस्त से भिडंत हो गया.
चित्रगुस,/चलो अपना अपना नाम बोलो”
अमित,”नही बताएंगे. पैचान कौन?”
चित्रगुप्त,'अच्छा ये बात है, तो बताओ वो कौन सी प्रोग्रामिंग लेंग्वेज है जो एक पेय भी है?”
अमित हँसा और बोला,”लो कर लो गल्ल. ए तो जावा है.”
चित्रगुप्त बोला,'वाह वाह आप तो अमित गुप्ता हैं आओ आओ. अच्छा अब आप बताओ
सिंगापुर पहले कया था?”
अब संजयभाई बोले,”भईया, सिहपुर था”.
चित्रगुस्त झट पहचान गया. बो…